रंगो का त्योहार है होली

होली रंगों का त्योहार बड़ी खुशी के साथ पूरे भारत के लोगों द्वारा फाल्गुन के महीने में हर साल मनाया जाता है। यह विशेष रूप से बच्चे  जो पहले एक सप्ताह और होली की तारीख के बाद एक सप्ताह तक मनाते है। यह त्यौहार मार्च के महीने में पूरे भारत खासकर उत्तर भारत में हिंदू धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाता है।

होली की कहानियां

होली, रंगों का त्योहारइस त्यौहार को मनाने के लिए भारत में कई कहानियां और किवदंतिया है| इस त्यौहार का भारत में काफी महत्त्व है| हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार होली होलिका दहन के अगले दिन मनाई जाती है| प्राचीन समय में राक्षसराज हरिण्यकश्यप ने आदेश दिया कि सभी लोग मेरी पूजा करेंगे| विष्णु की पूजा कोई नहीं करेगा| अगर किसी ने उसके आदेश की अवहेलना की, तो उसे मौत के घाट उतार दिया जायेगा|
हरिण्यकश्यप का पुत्र था प्रहलाद| वो विष्णु के परम भक्त थे| उन्होंने अपने पिता के आदेश को मानने से इनकार कर दिया| इससे रुष्ट होकर उसके पिता ने उसे मौत की सजा सुनाई| उसे मारने के लिए एक से एक उपाय किये गए, परंतु सभी विफल रहे| अंत में होलिका को बुलाया गया| होलिका अपने भाई के बेटे प्रहलाद को जलाने के मकसद से उसे लेकर आग में बैठ गई थी| उसे वरदान प्राप्त था कि वो कभी आग में जल नहीं सकती| लेकिन प्रहलाद के प्रताप से होलिका दहन आग में जल गई और प्रहलाद सकुशल जीवित रहे|
उस दिन से हिंदू धर्म के लोगों ने हर साल होली के त्योहार को मनाना शुरू कर दिया। रंगीन

होली से एक दिन पहले जगह-जगह लकड़ी और गोबर के उपले से होलिका बनाई जाती है| दिन में माताए इसकी पूजा करती है| वो अपने घर की खुशहाली और समृद्धि की कामना करती है| इसके बाद शाम को होलिका दहन किया जाता है| इसके लोग अपने सभी पापो को इसी आग में दहन की प्रार्थना करते है| होलिका दहन के समय महिलाओ का आना वर्जित किया गया है| वही दिन में पूजा केवल महिलाये ही करती है|

होली की तैयारियां

होलिका दहन के अगले दिन सुबह से ही लोग सड़को पर रंगारंग होली मनाना शुरू कर देते है| यह त्यौहार तय तारीख से एक सप्ताह पहले ही शुरू हो जाती है| लोग लगभग एक सप्ताह पहले से ही खरीदारी शुरू कर देते है| बाजारों में रौनक बढ़ी हुई होती है| बच्चो में खासा जोश दिखाई देता है| रंग, पिचकारी और पानी के गुब्बारों के साथ सभी रंगों का त्योहार मनाते है| सुबह से ही लोग एक-दूसरे के घर-घर जाकर त्योहार का आनंद लेते है|
वे एक-दूसरे के माथे पर गुलाल से तिलक करते है| फिर गले लगकर होली की बधाइयाँ देते है| इस दिन घरो में गुजियां, मिठाई , पानी-पुरी, दही-बड़े, चिप्स और भी कई अन्य प्रकार के व्यंजन बनते है| जिन्हें लोग एक-दूसरे के साथ शेयर करते है| भारत देश अपने त्यौहार के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है| बहुत से विदेशी पर्यटक केवल होली देखने और मनाने भारत में आते है|

India वोट Kar Editorial Team

Published 10 March 2017 · Last updated 19 January 2025

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